उद्भव
1986 से आज तक — विकास और उत्कृष्टता की यात्रा
वर्ष 1986 में एक छोटे से विद्यालय के रूप में प्रारंभ हुई यात्रा आज पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय अल्मोड़ा की सुदृढ़ पहचान तक पहुँच चुकी है। इन वर्षों में विद्यालय ने निरंतर विकास, परिवर्तन और शैक्षिक उत्कृष्टता के अनेक पड़ाव पार किए हैं।
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय अल्मोड़ा ने 26 जुलाई 1986 को अपनी शैक्षिक यात्रा प्रारंभ की। प्रारंभ में विद्यालय में कक्षा I से V तक की कक्षाएँ संचालित होती थीं। विद्यालय के प्रारंभिक वर्षों में यह पूर्वी पोखरखाली, अल्मोड़ा स्थित एक अस्थायी भवन से संचालित हुआ। विद्यार्थियों की संख्या में निरंतर वृद्धि और समय के साथ उच्च कक्षाओं के जुड़ने के साथ विद्यालय का क्रमिक विस्तार होता गया। आगे चलकर यह कक्षा XII तक शिक्षा प्रदान करने वाला पूर्ण विकसित वरिष्ठ माध्यमिक केंद्रीय विद्यालय बन गया।
नया परिसर – विकास का नया चरण
वर्ष 1999 विद्यालय के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा, जब विद्यालय अपने अस्थायी परिसर से स्थानांतरित होकर कोसी रोड पर आरटीओ अल्मोड़ा के निकट स्यालीधार स्थित अपने स्थायी परिसर में पहुँचा।
अल्मोड़ा बस अड्डे से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित विद्यालय का परिसर कुमाऊँ की शांत और सुरम्य पर्वतीय वादियों के बीच स्थित है। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह परिसर विद्यार्थियों के अध्ययन, रचनात्मक गतिविधियों और सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।
स्थायी परिसर में स्थानांतरण केवल भवन और स्थान का परिवर्तन नहीं था, बल्कि विद्यालय के विकास के एक नए चरण की शुरुआत थी। इससे शैक्षणिक कार्यक्रमों, सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों तथा विद्यार्थियों के समग्र शैक्षिक अनुभव को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नए अवसर उपलब्ध हुए।
बदलती शैक्षिक आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर विकास
समय के साथ विद्यालय ने बदलती शैक्षिक आवश्यकताओं तथा केंद्रीय विद्यालय संगठन की शैक्षिक दृष्टि के अनुरूप स्वयं को निरंतर विकसित किया है। वर्तमान में यह एकल-खंडीय विद्यालय है, जहाँ आधारभूत चरण से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक विद्यार्थियों की शिक्षा की निरंतर व्यवस्था है।
बालवाटिका-III के प्रारंभ होने के साथ विद्यालय ने आधारभूत चरण के नन्हे शिक्षार्थियों के लिए भी अपनी शैक्षिक सेवाओं का विस्तार किया है। इस स्तर पर आनंदपूर्ण, खेल-आधारित और गतिविधि-आधारित अधिगम पर विशेष बल दिया जाता है, ताकि बच्चों के संज्ञानात्मक, भाषायी, सामाजिक, भावनात्मक और शारीरिक विकास की मजबूत नींव तैयार की जा सके।
वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर विद्यालय कक्षा XI और XII में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय उपलब्ध कराता है। इससे विद्यार्थियों को अपनी रुचि और अभिरुचि के अनुरूप शैक्षणिक दिशा चुनने तथा उच्च शिक्षा और विभिन्न करियर विकल्पों के लिए स्वयं को तैयार करने के अवसर मिलते हैं।
पीएम श्री – एक नया अध्याय
विद्यालय का पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय अल्मोड़ा के रूप में विकसित होना इसकी निरंतर विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पीएम श्री विद्यालय के रूप में संस्थान राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों और प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने तथा प्रत्येक विद्यार्थी के लिए समावेशी, समानतापूर्ण और सहभागितापूर्ण अधिगम वातावरण तैयार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
विद्यालय में दक्षता-आधारित एवं अनुभवात्मक अधिगम, प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षा, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता, समावेशी शिक्षा, खेल, कला तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
विद्यालय की दृष्टि केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों में जिज्ञासा, सृजनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, सहयोग की भावना, प्रभावी संप्रेषण तथा उत्तरदायी नागरिकता जैसे गुणों का विकास करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
एक निरंतर आगे बढ़ती विरासत
वर्ष 1986 में पूर्वी पोखरखाली स्थित एक अस्थायी भवन में कक्षा I से V तक की शुरुआत से लेकर वर्ष 1999 में स्यालीधार स्थित स्थायी परिसर में स्थानांतरण और फिर पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय अल्मोड़ा के रूप में नई पहचान प्राप्त करने तक, विद्यालय का इतिहास निरंतर विकास और सकारात्मक परिवर्तन की यात्रा को दर्शाता है।
आज विद्यालय वर्षों से विकसित अपने मूल्यों, परंपराओं और शैक्षिक संस्कारों को बनाए रखते हुए शिक्षा के बदलते स्वरूप और आधुनिक शैक्षिक पद्धतियों को भी अपना रहा है। विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और प्रत्येक विद्यार्थी को ऐसे अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनके माध्यम से वह अपनी क्षमताओं को पहचान सके, उनका विकास कर सके और अपनी प्रतिभा एवं संभावनाओं को पूर्ण रूप से साकार कर सके।
1986 – शुरुआत | 1999 – स्थायी परिसर | आज – उज्ज्वल भविष्य की दृष्टि लिए एक पीएम श्री विद्यालय
सीखने, आगे बढ़ने, नवाचार करने और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र की सेवा करने की प्रतिबद्धता के साथ विद्यालय की यह यात्रा निरंतर जारी है…